बेवफा
कितने है सावन आये गये,अब आँखों में हैं बादल छाये।तरसे हे मन बरसे है नैनकभी मिलन का न सावन आए। जीवन के इस मोड़ पे देखो बदल रहा हैं मन तुम्हारा मेरा।गुम हो रहा हे धीरे प्यार हमारा छा रहा है अब दिल में अँधेरा।। मिलन न हुआ पर जुदा हुए वफ़ा न दिया पर बेवफा हुए। शायद मज़बूरी है या कुछ और न खबर क्यों…




