ज़माना लगे

ज़माना लगे।

पल दो पल में आग लग जाए
पर बुझाने के लिए ज़माना लगे। 

बुझा भी दिया था तो क्या हुआ
ज़ख्म भरने के लिए ज़माना लगे। 

वक़्त ने पत्थर कुछ ऐसा मारा
शीशा टूटने के लिए ज़माना लगे। 

मोल क्या ज़िंदगी की, ढूँढे तो
ये समझने के लिए ज़माना लगे। 

मंज़िल करीब है, फिर भी
उसे पाने के लिए ज़माना लगे। 

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